मोदी सरकार! कई बैंकों पर लग सकता है ‘ताला’

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15-government-banks-in-the-country-will-end-soon-2मोदी सरकार देश में बैंको को मजबूत और आर्थिक रूप से बहुत विशाल बनाने के लिए बैंको के एकीकरण के लिए तेजी ला रही है | इस एकीकरण के लिए सरकार एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाने लगी है जिसका काम बैंको के एकीकरण प्रस्ताव की समीक्षा करना होगा |




सूत्रों की माने तो बैंको का मर्जर दो तरीके से किया जायेगा पहले चरण में 21 बैंको को घटाकर 12 किया जायेगा उसके बाद दूसरे चरण में 12 बैंको को घटाकर 6 किया जायेगा | मोदी सरकार चाहती है की सरकारी बैंक आर्थिक रूप से बहुत विशाल बन जाये और इनकी संख्या आने वाले सालों में मात्रा 5-6 रह जाये |

पहले चरण में 9 बैंको को बंद करने का है प्रस्ताव

पहले चरण में सरकार 21 बैंको में से 9 बैंको को बंद कर सार्वजनिक क्षेत्रों में बैंको की संख्या 12 करेगी | इसी प्रक्रिया में तकनीकी (आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर) के इस्तेमाल से बैंको को मर्ज करने के रास्ते खोजे जायेंगे | इस प्रक्रिया से बैंको को मर्ज करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी और मर्ज की सारी प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी |

15-government-banks-in-the-country-will-end-soon-3यह बैंक हो जायेंगे खत्म

पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएण्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स, इलाहबाद बैंक, इंडियन बैंक और कारपोरेशन बैंक का मर्ज होना लगभग तय है | केनरा बैंक में यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और सिंडिकेट बैंक का मर्ज होने की खबरें आ रही है | बैंक ऑफ़ इंडिया में विजय बैंक, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र और आंध्र बैंक मर्ज हो सकता है |

6 बैंको का पहले से हो चूका है मर्ज

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में पांच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक का मर्ज 1 अप्रैल 2017 को हो चूका है | इस मर्जर के बाद स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया दुनिया के 50 बड़े बैंको में अपना नाम दर्ज करा चूका है | वित् मंत्रालय की माने तो वो इस मर्जर की प्रक्रिया को अन्य सार्वजनिक बैंको के मर्जर में दोहराना चाहता है |



बैंक के मर्ज को लेकर तेजी से चल रहा है काम

मीडिया की रिपोर्ट्स की माने तो बैंको के मर्जर को लेकर सभी विभागों से फाइल्स बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है | इसके तहत भारत के तीन सबसे बड़े बैंको बैंक ऑफ़ इंडिया, केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के नेतर्त्व में बैंकों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी | आपको बता दे की पिछले दिनों बैंको के मर्ज को लेकर जो भी भ्रांतियां थीं वो सहयोगी बैंको के स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में मिलने से दूर हो गई हैं |

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