दीवाली पर ऐसे करेंगे पूजा, तो हमेशा बनी रहेगी लक्ष्मी की कृपा

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दिवाली एक हिन्दू त्यौहार है और यह त्यौहार इसलिए मनाया जाता है क्योंकि हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में लिखा गया है की दिवाली के दिन प्रभु श्री राम अपनी पत्नी माता सीता जी और अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी के साथ 14 वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या लोटे थे |


दिवाली वाले दिन ही माँ लक्ष्मी जी ने भगवन विष्णु को अपने पति के रूप में चुना था | दिवाली की रात हिन्दू माँ लक्ष्मी जी के साथ साथ, बाधाओं को दूर करने के प्रतीक भगवान् गणेश और संगीत साहित्य के प्रतीक माँ सरस्वती और धन के मालिक कुबेर की पूजा की जाती है |

मन जाता है की इसी दिन भगवान् विष्णु बैकुंठ लोटकर आये थे और इस दिन माँ लक्ष्मी बहुत ज्यादा प्रसन होती है जिसके चलते दिवाली की रात माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है | आज हम आपको दिवाली से जुडी राजा बलि की कथा सुनाने जा रहे है |

कहा जाता है की एक बार युधिस्तर ने भगवान् श्री कृष्ण से पूछा की आप एक ऐसा अनुष्ठान बताये जिसको करके मैं अपने राज्य को पूर्ण खड़ा कर सकूँ, अभी मैं अपने राज्य की दुरुस्स्ता देशकार बहुत ज्यादा निराश हूँ |

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तभी भगवान् श्री कृष्ण ने कहा की एक बार मेरे भक्त राजा बलि ने 100 अस्वमेय यज्ञ करने का निर्णय लिया था और उनके 99 यज्ञ तो बिना किसी रुकावट के पुरे कर लिए लेकिन 100 यज्ञ शुरू होते ही इंद्र का सिंघाशन डोलने लगा जिसके साथ ही इंद्र देव चिंतित हो गए की कहीं मेरा सिंघासन मुझसे छीन न जाए |


इस चिंता के चलते इंद्र देव ने कुछ देवताओं को इकठा किया और चीर सागर गए और मंत्रो का उच्चारण करने लगे जिससे उन्होंने भगवान् विष्णु का आभ्हान किया | भगवान् विष्णु के प्रगट होते ही डरे हुए इंद्र ने साड़ी बात बता दी और भगवान् विष्णु ने इंद्र देव से कहा की तुम निर्भय होकर अपने लोक लौट जाओ |

इंद्र देव अपने लोक चले गए भगवान् विष्णु ब्राह्मण का रूप धारण कर बटू भेष राजा बलि के यज्ञ वाले स्थान पर पहुँच गए | भगवान् विष्णु ने राजा बलि को वचन बढ़ कर तीन पग भूमि उनसे दान में मांग ली जिसके बाद भगवान् विष्णु ने ब्राह्मण के अवतार में तीन पग से पूरा आकाश, धरती और पाताल नाप लिया |

जिसके बाद राजा बलि की इस दान सीलता से प्रसन होकर उनसे वर मांगने को कहा और राजा से कहा की कार्तिक पक्ष की त्रियोदशी से अमावस्य तक मतलब दीपावली तक मेरा राज्य कायम रहे इन तीन दिनों सभी लोग देव दान कर लक्ष्मी जी की पूजा करें और हर घर में लक्ष्मी जी का वास हो |

भगवान् ने राजा बलि को पाताल लोक का राजा बना दिया और उसके बाद से दिवाली की रात माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना की जाती है | मन जाता है की अगर कोई सच्चे मन से इन तीन दिनों में माँ लक्ष्मी जी की आराधना करे तो उसके घर और कारोबार में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है |

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