यौन समस्याओं से पीड़ित हैं 40 फीसदी महिलाएं : डॉ. अनूप धीर

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आज की भाग दौड़ वाली और तनाव भरी जिंदगी में ऐसी बहुत साड़ी कामकाज वाली महिलाये है जो सहवास के दौरान भी अपने चरम सुख की प्राप्ति नहीं कर पाती | इसकी बहुत साड़ी वजह हो सकती है लेकिन इनमे से मुख्य वजह शारीरिक एवं मानसिक स्थिति, तनाव, दवाएं और बीमारी होती है |


लेकिन आपको बताना चाहेंगे की अब ‘ओ-शॉट’ उपचार लेकर आप इस समस्या से निजात पा सकती है | अपोलो अस्पताल के कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जन एवं एंड्रोलोजिस्ट डॉ. अनूप धीर ने बताया है की सहवास के दौरान लगभग 40 प्रतिशत महिलाये यौन संबंधी गड़बड़ियों की वजह से मानसिक परेशानी परेशान रहती है |

उन्होंने यह भी बताया की हमारा समाज इतना ज्यादा अभी अपनी सोच नहीं रखता जिसके चलते महिलाये इसके लिए न तो किसी से बात करती है और न ही किसी तरह का कोई उपचार लेना पसंद करती है |

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डॉ. धीर ने कहा, “महिलाओं में चरम सुख (ऑरगैज्म) एक बहुत सामान्य समस्या है जो की ज्यादातर महिलाओं को होती है चाहे उनको इस बात का अंदाजा हो या न हो | लेकिन अब इस समस्या को ठीक भी किया जा सकता है | ओ-शॉट या ‘ऑरगैज्म शॉट’ इस्तेमाल से महिलाओं में यौन सम्बन्धी परेशानियों को ख़त्म किया जा सकता है |

उन्होंने कहा इस प्रक्रिया में प्लेटलेट-रीच प्लाज्मा (पीआरपी) नाम के तत्व को मरीज के रक्त से निकाला जाता है और उसे क्लिटोरिस के आसपास के हिस्से और योनि के भीतर सही जगह तक पहुंचा दिया जाता है |

इस शॉट के लिए मरीज की बाजू से रक्त में मौजूद प्लेटलेट निकाले जाते है और इस निकाले गए रक्त को रक्त को अपकेंद्रण (सेंट्रीफ्यूज) के लिए रखा जाता है, जो की जो प्लेटलेट रीच प्लाज्मा (पीआरपी) बनाते रहते है |

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डॉ. धीर ने कहा की महिला इसका एक शॉट भी ले सकती है या फिर एक से ज्यादा भी ले सकती है यह सब महिला और उसकी समस्या पर निर्भर करता है की उनको कितने शॉट्स की जरुरत है | उन्होंने कहा इस शॉट का मुख्य लक्ष्य नयी कोशिकाओं के बनने में तेज़ी लाना है और इजेक्टेड हिस्से को ज्यादा से ज्यादा संवेदनशील बनाना है |

डॉ. धीर ने कहा की इसके एक शॉट का असर लगभग 1 साल तक रहेगा | इस शॉट के बाद महिलाओं में सहवास के दौरान ऑरगैज्म अधिक मजबूत और जल्दी होता है | इसके साथ ही प्राकृतिक लुब्रिकेशन और उत्तेजना भी पहले से बेहतर होती है |

इस शॉट की साड़ी प्रक्रिया में कुल 40 मिनट का समय ही लगता है जिसके बाद महिला आराम से घर या ऑफिस जा सकती है | इस समस्या के इलाज से आप मानसिक और शरीरिक दोनों तरफ से खुद को पहले से ज्यादा सवसथ महसूस करेंगी |

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