पद्मावती पर अमरिंदर सिंह ने दिया कांग्रेस को झटका

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आपको बताना चाहेंगे की फिल्मबाज़ों ने सस्ती पॉपुलैरिटी का धंदा बना लिया था की हिन्दू को भड़काने वाली कोई फिल्म बनाओ और बाद में जातियों में बनता हिन्दू थोड़ा बहुत शोर मचाएगा, फ्री में पब्लिसिटी मिल जाएगी, बाकी हिन्दू सोता रहेगा और फिल्म खूब पैसा कमाएगी |


लेकिन पद्मावती के मान सम्मान के ऊपर आंच आते ही सारा हिन्दू समाज ऐसे इक्कठ हो जायेगा किसी ने सोचा नहीं था | खुद भंसाली को भी यह एहसास न होगा तभी तो शुरुआत में हिन्दू को आंतकवादी और नजाने क्या क्या बोल रहे थे और अब हाथ जोड़ कर बोल रहे है फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है |

पहले तो पद्मावती को सेंसर बोर्ड ने वापिस भेज दिया था और फिर निर्माताओं ने विरोध का आलम देखते हुए फिल्म की तारिख आगे बढ़ा दी | फिल्मबाजो के बुरे दिन तो तभी शुरू हो गए जब एक के बाद एक राज्य के मुख्यमंत्रियों ने फिल्म को बन करना शुरू कर दिया |

सबसे पहले योगी जी ने उत्तर प्रदेश में बैन किया, फिर राजस्थान में वसुंद्रा राजे ने भी फिल्म न चलने का आदेश दे दिया, उसके बाद शिवराज चौहान ने महाराष्ट्र में बैन किया और फिर हरियाणा की खट्टर सरकार ने भी बैन करने को बोल दिया |

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लेकिन कांग्रेस बैन का विरोध कर ही रही थी की अब पंजाब के मुख्यमंत्री ने हिंदुवो के विरोध को देखते हुए उनके साथ आकर खड़े हो गए | अमरिंदर सिंह ने साफ़ किया की इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके हिन्दू समाज को आहत किया जा रहा है |


उन्होंने कहा की मैं खुद उस चितोड़गढ़ की भूमि पर गया हु जहा महारानी पद्मावती ने खुद को जोहर की आग में समर्पण कर दिया था | हिन्दू बिलकुल सही है यह फिल्म पद्मावती के मान सम्मान को आहत पहुँचाने के मकसद से बनाई गयी है जो की बर्दास्त से बाहर है |

अमरिंदर सिंह ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा में बैन का समर्थन करते हुए पंजाब में भी फिल्म को न चलाने का आदेश दे दिया है | आपको बता दे की फिल्म को लेकर कांग्रेस में थरूर और ज्योतिराम सिंधिया में भी मन मुटाव चल रहा है |

मतलब साफ़ है हिन्दू एकजुट अगर हुए तो भगवान राम के अस्तित्व को न मानने वाले आज मंदिरों में अपना माथा पटक रहे है, खुद कोई कृष्ण जी की प्रतिमा बनवा रहा है, तो कोई खुद को शिव भक्त बता रहा है |

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