आरुषि हत्या कांड में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

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आरुषि हत्या काण्ड में हाई कोर्ट के निर्देश अनुसार तलवार दम्पति को जल्द ही रिहा किया जा सकता है | जेल से रिहा होने के बावजूद तलवार दम्पंती कैदियों के इलाज के लिए हर 15 दिन बाद डासना जेल जाते रहेंगे |


इसके लिए जेल प्रशाषन ने खुद उनसे सिफारिश की है की वो कैदियों के इलाज के लिए डासना जेल आते रहे | पुरे देश को सन्न करके रख देने वाले आरुषि हत्याकाण्ड का फैसला लगभग नौ साल बाद आया | लेकिन अगर कोर्ट की माने तो माँ-बाप दोषी नहीं थे तो फिर असली दोषी था कौन ?

सीबीआई ने जो थ्योरी पेश की थी वो पुलिस की थ्योरी से बिलकुल अलग थी, यही कारण रहा की आज 9 साल बाद भी कानून के हाथ बिलकुल खाली है | या तो कानून हत्यारे की पहुँच से बहुत दूर है या फिर वो बहुत ज्यादा पास |

अमर उजाला ने यह सनसनी खुलासा किया की आरुषि हत्या की रात उस घर में पांचवा सदस्य भी मौजूद था | जी हां यह खुलासा बहुत ज्यादा सनसनी और बेचिदा है कियोंकि अब तक कानून इस केस में आगे इसलिए नहीं बढ़ रहा था की उस रात घर में सिर्फ 4 सदस्य ही मौजूद थे |

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आरुषि, हेमराज, राजेश तलवार और नुपुर तलवार के नाम ही अभी तक इस केस में जुड़े है लेकिन अमर उजाला ने खुलासा किया की उस रात जो पांचवा सदस्य था उसे सीबीआई ने किसी ख़ास कारण से नज़रअंदाज किया था |


अमर उजाला में छपे इस लेख में उन्होंने कहा है की कृष्णा नाम का लड़का जो की तलवार का कम्पाउण्डर था वो भी मजूद था | लेकिन किसी कारण से उसकी मजूदगी को सीबीआई ने नजर अंदाज़ कर दिया |

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी कई बार ऐसे सबूत सामने आये जो की सीधा इशारा कृष्णा की और करते थे | सीबीआई की माने तो उनके पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं था की वो पांचवे सदस्य की मजूदगी से इंकार कर सके और न ही स्वीकार करने योग्य सबूत था |

आपको बताना भी चाहेंगे की सीडीएफडी प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा के तकिये के निचे हेमराज के खून के नमूने भी मिले थे | लेकिन बाद में सीबीआई ने यह ब्यान दिया की सीडीएफडी प्रयोगशाला ने हमें ईमेल किया की उस जांच के नमूने पर गलती से दूसरा नंबर पद गया था जिस कारण रिपोर्ट में गड़बड़ हुई थी |

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लेकिन सीबीआई और सीडीएफडी प्रयोगशाला दोनों यह बात प्रूफ करने में नाकाम रहे की ऐसी गलती आखिर हो कैसे गयी | यहाँ तक की जब गवाह के तौर पर भी सीडीएफडी के वैज्ञानिकों और रजिस्ट्री के सदस्यों को कोर्ट में बुलाया गया तो भी यह बात साफ़ नहीं हुई की इतने बड़े केस में ऐसी गलती आखिर हुई कैसे |

इससे यह बात तो साफ़ होती है की कृष्णा ही आरुषि और हेमराज का हत्यारा हो सकता है और हेमराज की लाश उठाते वक्त उसका खून कृष्णा के सर पर लग गया होगा और जो की कृष्णा के तकिये तक जा पहुंचा |

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आपको बताना चाहेंगे की छत की दिवार पर खून से भरे पंजे के निशान भी डा. राजेश तलवार, कृष्णा, राजकुमार या विजय मंडल से मेल नहीं खाया था | कृष्णा के तकिये पर मिले खून के नमूने के साथ जानबूज कर की गयी छेड़छाड़ पर कोर्ट का कहना है की सीबीआई इस बात को प्रूफ नहीं कर पाया |

लेकिन सबसे बड़ी बात है की कृष्णा को बचाकर तलवार दम्पति को फ़साने से किसी को क्या लाभ मिलेगा ? इस केस से यह तो साफ़ हो गया की इस देश में इन्साफ मिल पाना बहुत ज्यादा मुश्किल है | हम दुआ करेंगे की आरुषि और हेमराज की आत्मा को भगवान् शांति बक्शे |

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